What Is Alternating Current (AC)?: परिभाषा, उत्पत्ति, और उपयोग

Alternating current is a current that changes its magnitude and polarity at regular interval of time. It can also be defined as an electrical current which repeatedly changes or reverses its direction opposite to that of Direct Current.

विद्युत (Electricity) के क्षेत्र में alternating current (AC) एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। AC का व्यापक उपयोग घरों, उद्योगों और विभिन्न विद्युत उपकरणों में होता है। इस लेख में हम alternating current की परिभाषा, इसकी उत्पत्ति कैसे होती है, और इसके विभिन्न उपयोगों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, alternating current class 12 के छात्रों के लिए भी इसे समझने में सहायता प्रदान करेंगे।

Alternating Current (AC) क्या है? | What is Alternating Current (AC)?

Alternating current (AC) वह विद्युत धारा (electric current) है जो समय के साथ दिशा बदलती रहती है। यह धारा सकारात्मक से नकारात्मक और नकारात्मक से सकारात्मक दिशा में निरंतर बदलती रहती है।

Definition of Alternating Current: “Alternating Current (AC) is an electric current that periodically reverses its direction, unlike direct current (DC), which flows only in one direction.”

AC और DC में अंतर | Difference Between AC and DC

AC और DC के बीच मुख्य अंतर यह है कि DC (Direct Current) केवल एक दिशा में बहती है, जबकि AC समय-समय पर अपनी दिशा बदलती है। DC का उपयोग आमतौर पर बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है, जबकि AC का उपयोग विद्युत आपूर्ति में किया जाता है।

AC की उत्पत्ति कैसे होती है? | How is Alternating Current Generated?

Alternating Current को उत्पन्न करने के लिए विद्युत जनरेटर (electric generator) का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में, एक कॉइल (coil) को चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field) में घुमाया जाता है, जिससे विद्युत धारा उत्पन्न होती है। इस धारा की दिशा घुमाव के प्रत्येक चक्र के साथ बदलती रहती है, जिससे alternating current उत्पन्न होती है।

Generation of AC: “AC is generated using an electric generator, where a coil of wire is rotated in a magnetic field, causing the current to alternate its direction periodically.”

AC का वोल्टेज और आवृत्ति | Voltage and Frequency of AC

AC का वोल्टेज समय के साथ बदलता रहता है। आमतौर पर, भारत में AC voltage 230 वोल्ट्स होता है और इसकी आवृत्ति (frequency) 50 हर्ट्ज़ (Hz) होती है।

AC Voltage: “The standard AC voltage in India is 230V with a frequency of 50Hz.”

AC के गुणधर्म | Properties of Alternating Current

Alternating Current के कई गुणधर्म होते हैं, जो इसे विद्युत उपकरणों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। इन गुणधर्मों में शामिल हैं:

  • वोल्टेज का परिवर्तन: AC का वोल्टेज समय के साथ बदलता रहता है, जो इसे लम्बी दूरी पर विद्युत ऊर्जा को संचालित करने के लिए उपयुक्त बनाता है।
  • आवृत्ति: AC की आवृत्ति उस गति को दर्शाती है जिस पर धारा की दिशा बदलती है।
  • साइनसोडियल वेवफॉर्म: AC का वेवफॉर्म (waveform) साइनसोडियल (sinusoidal) होता है, जो इसे विद्युत उपकरणों के लिए आदर्श बनाता है।

AC के उपयोग | Uses of Alternating Current

AC का उपयोग विभिन्न प्रकार के उपकरणों और अनुप्रयोगों में किया जाता है। इनमें शामिल हैं:

  • घरेलू उपकरण: जैसे रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, और पंखे।
  • औद्योगिक मशीनरी: जैसे मोटर और जनरेटर।
  • विद्युत आपूर्ति: बड़े पैमाने पर विद्युत ऊर्जा का उत्पादन और वितरण AC के माध्यम से किया जाता है।

AC का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इसे लम्बी दूरी तक भेजा जा सकता है बिना अधिक ऊर्जा खोए।

AC का चित्रण | Diagram of Alternating Current

एक alternating current diagram में, आपको AC के साइनसोडियल वेवफॉर्म (sinusoidal waveform) को दिखाया जाता है, जो समय के साथ वोल्टेज के परिवर्तन को दर्शाता है। यह वेवफॉर्म सकारात्मक और नकारात्मक मानों के बीच दोलन करता है।

AC के सिद्धांत | Principles of Alternating Current

Alternating Current के सिद्धांतों में मुख्य रूप से विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों का आपसी संबंध शामिल है। जब कोई कॉइल चुंबकीय क्षेत्र में घूमता है, तो उसमें EMF (Electromotive Force) उत्पन्न होती है, जो AC को उत्पन्न करती है।

AC के उदाहरण | Examples of Alternating Current

AC के कई उदाहरण हमारे दैनिक जीवन में देखे जा सकते हैं, जैसे कि:

  • घरेलू विद्युत आपूर्ति: हमारे घरों में जो विद्युत आपूर्ति होती है, वह AC होती है।
  • पावर प्लांट्स: बड़े-बड़े पावर प्लांट्स में बिजली का उत्पादन AC के रूप में होता है।
  • ट्रांसफार्मर: ट्रांसफार्मर AC वोल्टेज को बढ़ाने या घटाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

AC और DC का अनुप्रयोग | Application of AC and DC

जहाँ AC का उपयोग मुख्य रूप से बिजली की आपूर्ति में होता है, वहीं DC का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैटरियों में किया जाता है। उदाहरण के लिए, आपके मोबाइल फोन की बैटरी DC पर चलती है, जबकि आपके घर की बिजली AC होती है।

AC का महत्व | Importance of AC

Alternating Current विद्युत ऊर्जा के उत्पादन, वितरण, और उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे उच्च वोल्टेज पर बिना ऊर्जा खोए लंबी दूरी तक भेजा जा सकता है।

इसके अलावा, AC को आसानी से ट्रांसफार्मर की मदद से बढ़ाया या घटाया जा सकता है, जो इसे बिजली की आपूर्ति के लिए आदर्श बनाता है।

निष्कर्ष | Conclusion

इस लेख में हमने alternating current (AC) की परिभाषा, उत्पत्ति, गुणधर्म, और इसके विभिन्न उपयोगों पर चर्चा की। AC विद्युत आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह विद्युत ऊर्जा के कुशल उत्पादन और वितरण के लिए आवश्यक है।

आशा है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। और अधिक जानकारी के लिए GyaanDuniya.net पर बने रहें!

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